उत्तर प्रदेशराज्य

यूपी में बहुमंजिला इमारतों की सुरक्षा के लिए खरीदे जाएंगे अत्याधुनिक हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म, योगी सरकार ने दी मंजूरी

योगी सरकार उत्तर प्रदेश में उद्योग लगाने वालों बड़ी राहत देने जा रही है। एमएसएमई और डाटा सेंटर जैसे उद्योग लगाने वालों को 12 से 24 मीटर चौड़ी सड़क पर और अधिक निर्माण की जल्द ही अनुमति दे सकती है। इतनी चौड़ी सड़क पर छह मंजिला भवन तक बनाए जा सकेंगे। भूमि लेने पर बेस फ्लोर एरिया रेशियो (एफएआर) तीन ही रहेगा, लेकिन तीन मंजिला शुल्क जमा कर और बनने की अनुमति दी जाएगी। इसी तरह 24 से 45 मीटर चौड़ी सड़क पर अधिकतम 10.5 एफएआर और 45 मीटर या इससे अधिक चौड़ी सड़क पर जितना चाहेंगे उतने ऊंचाई तक निर्माण की अनुमति होगी। हालांकि अभी इसको लेकर प्रस्ताव तैयार कराया जा रहा है।

औद्योगिक विकास विभाग ने इसके लिए उपविधि बनाते हुए इसका प्रारूप जारी किया है। इस पर आपत्तियां और सुझाव मांगे गए हैं। इसे अंतिम रूप देने के बाद कैबिनेट से मंजूरी लिए रखा जाएगा। प्रस्तावित उपविधि के मुताबिक औद्योगिक क्षेत्रों में ग्रुप हाउसिंग के लिए 12 से 18, 18 से 24 मीटर चौड़ी सड़क पर सात मंजिला तक भवन बनाने की अनुमति देने का प्रस्ताव है। अभी एफएआर, सेट बैक, ग्राउंड कवरेज, ऊंचाई के संबंध में अलग-अलग सीमाएं हैं। औद्योगिक भूखंडों के लिए आमतौर पर 0.6 से 2 तक, सामूहिक आवासों के लिए 2.75 से 3.5 तक, संस्थागत परियोजनाओं के लिए 0.8 से 2.75 तक और व्यावसायिक परियोजनाओं के लिए 1.2 से 4 तक का एफएआर अनुमन्य है।

सेट बैक तर्कसंगत बनाया गया

सेट बैक को तर्कसंगत बनाया गया है। इससे दो भूखंडों के बीच की दूरी तय होती है। 100 वर्गमीटर मीटर तक के भूखंड पर आगे 1.5 मीटर, पीछे तथा दोनों तरफ शून्य है 100 से 300 वर्गमीटर तक आगे 3, पीछे 1.5 मीटर, दोनों तरफ जरूरत नहीं है। 300 से 500 वर्गमीटर आगे 4.5 मीटर, पीछे तथा दोनों तरफ 3-3 मीटर सेटबैक छोड़ना होगा। 6000 वर्गमीटर से अधिक के भूखंड पर आगे 9 मीटर, पीछे तथा दोनों तरफ 6-6 मीटर होगा।

हरियाली और पार्किंग

लैंडस्केपिंग की सीमा 25-50% से घटाकर 5-10% प्रस्तावित है, जिससे भूखंड का अधिकतम उपयोग हो सके। इसके अलावा वाहनों की पार्किंग क्षमता को भी तर्कसंगत बनाया गया है। आवासीय लेआउट में कुल क्षेत्रफल का 15% और गैर आवासीय में 10% भूमि पार्कों के लिए आरक्षित करनी होगी। तीन हजार वर्ग मीटर से कम के लिए अलग से पार्क की जगह जरूरी नहीं होगी, लेकिन इससे अधिक क्षेत्रफल में पार्कों के लिए स्थान सुरक्षित करना अनिवार्य होगा।

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