उत्तर प्रदेशराज्य

यूपीडा का नॉन-परफॉर्मिंग आवंटियों पर एक्शन, अलीगढ़ डिफेंस नोड में तीन भूमि आवंटन रद्द

रक्षा उत्पादन क्षेत्र में निवेश की गति बढ़ाने, परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने तथा निवेशकों के बीच जवाबदेही स्थापित करने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) ने उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (यूपीडीआईसी) के अलीगढ़ फेज-1 डिफेंस तीन कंपनियों के भूमि आवंटन रद्द कर दिए हैं। संबंधित कंपनियों द्वारा भूमि आवंटन के लगभग पांच वर्ष बाद भी निर्माण एवं औद्योगिक गतिविधियां प्रारंभ नहीं किए जाने के कारण यह कार्रवाई की गई है।

डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में आवंटित भूमि का उपयोग केवल रक्षा एवं एयरोस्पेस विनिर्माण गतिविधियों के लिए किया जाना है। ऐसे में यूपीडा द्वारा ऐसे आवंटियों के निरस्तीकरण की कार्यवाही की गई है, जिनको अपनी इकाई स्थापित कर उत्पादन के साथ रोजगार सृजन भी करना था। पिछले दिनों डिफेंस इंस्ट्रियल कॉरिडोर के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी शशांक चौधरी ने अलीगढ़ नोड का निरीक्षण किया था। इस दौरान तीन निवेशकों को आवंटित भूमि पर कोई कार्य प्रगति में नहीं पाया गया था। अपर एसीईओ की रिपोर्ट पर यूपीडा के सीईओ ने यह कार्रवाई की है।

इन कंपनियों के आवंटन रद्द हुए

यूपीडा सूत्रों के मुताबिक जय साई अनु को जुलाई 2021 में 4.5 हेक्टेयर भूमि 100 करोड़ के प्रस्तावित निवेश के आधार पर आवंटित की गई थी। निर्धारित अवधि बीत जाने के बावजूद कंपनी ने कोई विनिर्माण सुविधा स्थापित नहीं की। इसी तरह नवराज मेटल्स को जून 2021 में 1.6 हेक्टेयर भूमि 20 करोड़ के निवेश प्रस्ताव पर आवंटित की गई थी। समीक्षा के दौरान निर्माण कार्य में कोई उल्लेखनीय प्रगति नहीं पाई गई। पीबीएम इंसुलेशन्स को जून 2021 में 0.4 हेक्टेयर भूमि ₹4 करोड़ के निवेश प्रस्ताव के साथ आवंटित की गई थी। कंपनी द्वारा परियोजना क्रियान्वयन में अपेक्षित दिलचस्पी और प्रगति नहीं दिखाई गई।

छह जिलों में विकसित हो रहा डिफेंस कॉरिडोर

उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर देश की प्रमुख रणनीतिक औद्योगिक परियोजना है। इसकी घोषणा केंद्र ने प्रदेश में रक्षा विनिर्माण क्षमता को मजबूत करने और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के लक्ष्य को गति देने के मकसद से की गई थी। यह कॉरिडोर उत्तर प्रदेश के अलीगढ़, आगरा, लखनऊ, कानपुर, झांसी और चित्रकूट में विकसित किया जा रहा है। मुख्य कार्यपालक अधिकारी दीपक कुमार ने बताया, उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर राष्ट्रीय महत्व की परियोजना है। यहां उपलब्ध भूमि रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए एक रणनीतिक संसाधन है, न कि केवल भूमि सुरक्षित रखने के लिए। प्राधिकरण यह सुनिश्चित करेगा कि सभी आवंटी निर्धारित समयसीमा के भीतर निवेश और उत्पादन गतिविधियां शुरू करें।

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