
फतेहाबाद शहर की नगर परिषद सीमा में शामिल की गई छह कालोनियों के हजारों निवासियों को अब भी बुनियादी सुविधाओं का इंतजार करना पड़ रहा है। वर्षों बीत जाने के बावजूद यहां सीवरेज और सड़क जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो सकी हैं, जिससे लोगों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है।
40 करोड़ रुपये का सीवरेज प्रोजेक्ट फिर अटका
जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा तैयार किया गया लगभग 40 करोड़ रुपये का सीवरेज प्रोजेक्ट एक बार फिर अधर में लटक गया है। इस प्रोजेक्ट को मंजूरी देने के लिए 10 दिसंबर को चंडीगढ़ में एक अहम बैठक प्रस्तावित थी, जिसमें मुख्यमंत्री द्वारा अंतिम स्वीकृति दी जानी थी। हालांकि यह बैठक अचानक रद हो गई, जिसके चलते प्रोजेक्ट को हरी झंडी नहीं मिल पाई।
डीपीआर और तकनीकी रिपोर्ट पहले से तैयार
जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से इस परियोजना के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर), बजट प्रस्ताव और तकनीकी रिपोर्ट पहले ही तैयार की जा चुकी है। संबंधित एजेंसी का चयन भी हो चुका है और प्रक्रिया चंडीगढ़ तक पहुंच चुकी थी, लेकिन सरकारी मंजूरी के अभाव में टेंडर प्रक्रिया चौथी बार रुक गई।
तीन साल बाद भी नहीं मिली बुनियादी सुविधाएं
नगर परिषद सीमा में तीन साल से अधिक समय पहले शामिल की गई हंस कालोनी, स्वामी नगर, हरनाम सिंह कालोनी, आजाद नगर, कालीदास कालोनी और एक अन्य क्षेत्र में आज तक न तो सीवर लाइन बिछाई जा सकी है और न ही सड़कों का निर्माण हो पाया है। इससे स्थानीय निवासियों को रोजमर्रा की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
सड़क निर्माण भी सीवरेज की मंजूरी पर निर्भर
नगर परिषद द्वारा सड़कों के निर्माण के लिए लगभग 8 करोड़ रुपये की अलग परियोजना पहले ही तैयार की जा चुकी है, लेकिन सीवरेज लाइन की स्वीकृति न मिलने के कारण सड़क निर्माण कार्य भी शुरू नहीं हो सका है। नियमों के अनुसार पहले सीवर लाइन डालना आवश्यक है, उसके बाद ही सड़कें बनाई जा सकती हैं।
गंदे पानी की निकासी बनी सबसे बड़ी समस्या
स्थानीय लोगों का कहना है कि इन कालोनियों में सीवरेज व्यवस्था न होने से गंदे पानी की निकासी एक गंभीर समस्या बन चुकी है। बरसात के दिनों में हालात और भी खराब हो जाते हैं, जिससे स्वास्थ्य संबंधी खतरे बढ़ रहे हैं और लोगों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है।



