उत्तर प्रदेशराज्य

सीएम योगी शनिवार को देंगे 460 करोड़ की सौगात, फसल बीमा और दुर्घटना कल्याण योजना के लाभार्थियों को मिलेगी फायदा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को उत्तर प्रदेश के किसानों को बड़ा तोहफा देंगे। मुख्यमंत्री किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के लाभार्थियों व आपदा मित्रों को जीवन बीमा के तहत राशि प्रदान करेंगे। मुख्यमंत्री कार्यक्रम स्थल से ही बागपत, शामली, कासगंज व भदोही के उप कृषि निदेशक कार्यालय तथा मृदा परीक्षण प्रयोगशालाओं का शिलान्यास करेंगे। इसके साथ ही मऊरानीपुर झांसी में 50 शैया के छात्रावास भवन तथा लखनऊ में स्मार्ट कृषि ब्यूरो स्टूडियो इकाई का शिलान्यास भी करेंगे।

कृषि निदेशक डॉ. पंकज त्रिपाठी ने बताया कि शनिवार सुबह 10 बजे मुख्यमंत्री के सरकारी आवास (पांच कालिदास मार्ग) पर यह आयोजन होगा। इसमें कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही व कृषि राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख भी मौजूद रहेंगे। डा. त्रिपाठी ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (खऱीफ 2025) के अंतर्गत 2.51 लाख किसानों को 285 करोड़ रुपये क्षतिपूर्ति राशि वितरित करेंगे।

मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के 3500 लाभार्थी परिवारों को 175 करोड़ रुपये की सहायता राशि प्रदान करेंगे। आपदा मित्रों को जीवन बीमा प्रदान किया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बागपत, शामली, कासगंज, भदोही में उप कृषि निदेशक कार्यालय व मृदा परीक्षण प्रयोगशालाओं का शिलान्यास भी करेंगे। इसके साथ ही मऊरानीपुर झांसी में 50 शैया के छात्रावास भवन तथा लखनऊ में स्मार्ट कृषि ब्यूरो स्टूडियो इकाई का शिलान्यास भी करेंगे।

किसानों को लेकर विधानसभा में क्या बोले सीएम योगी

यूपी बजट सत्र के आखिरी दिन सीएम योगी ने किसानों को लेकर कई बड़ी बातें कहीं। सीएम योगी ने कहा, किसानों का उत्पाद विदेशों में जाए इसके लिए सरकार ने 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है। सीएम योगी ने कहा, बिजली कनेक्शन से जुड़े 16 लाख ट्यूबवेल वाले किसानों को मुफ्त बिजली दे रहे हैं। इस पर सरकार हर वर्ष तीन हजार करोड़ रुपये खर्च कर रही है। लाखों हेक्टेयर भूमि को सिंचाई की सुविधा भी दी है, लेकिन ऐसे ट्यूबवेल, जहां किसान आज भी डीजल से पंपिंग सेट चला करके सिंचाई करते हैं, उन ट्यूबवेल को सोलर पैनल देने की व्यवस्था करने जा रही है।

सरकार ने 2000 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है। वर्ल्ड फिश सेंटर की स्थापना, मत्स्य बीज और ब्रूड बैंक, फिश प्रोसेसिंग सेंटर, आधुनिक मत्स्य मंडी और इंटीग्रेटेड एक्वा पार्क के विकास के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा, सहकारिता क्षेत्र में लघु और सीमांत किसानों को राहत देने के लिए कोऑपरेटिव बैंकों से मिलने वाले महंगे ऋण पर सरकार ने सहूलियत दी है। इसका उद्देश्य किसानों को सस्ता और सुलभ ऋण उपलब्ध कराना है, ताकि वे कृषि और पशुपालन गतिविधियों को विस्तार दे सकें।

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