उत्तर प्रदेशराज्य

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मेरिट लिस्ट रिवाइज करने के आदेश पर लगाई रोक, काउंसलिंग रहेगी जारी

प्रयागराज : इलाहाबाद हाइकोर्ट की खंडपीठ ने 3 फरवरी को पारित एकलपीठ के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालयों के संघ को क्लैट यूजी 2026 की संपूर्ण मेरिट सूची भविष्य की काउंसलिंग के लिए संशोधित करने का निर्देश दिया गया था. न्यायमूर्ति सौमित्र दयाल सिंह और न्यायमूर्ति इंद्रजीत शुक्ला की खंडपीठ ने यह अंतरिम आदेश संघ द्वारा दायर विशेष अपील पर पारित किया. संघ ने एकलपीठ के आदेश को चुनौती दी थी.

एकलपीठ ने अपने आदेश में कहा था कि उच्चस्तरीय ‘निगरानी समिति’ ने एक विवादित प्रश्न के संबंध में विषय विशेषज्ञों की राय को बिना कोई कारण बताए निरस्त कर दिया था जो मनमाना कदम था. कोर्ट ने संघ को निर्देश दिया था कि क्लैट-2026 प्रवेश परीक्षा के बुकलेट-सी के प्रश्न संख्या 9 के लिए दो विकल्प ‘बी’ और ‘डी’ को सही माना जाए. साथ ही अन्य बुकलेट में उसी प्रश्न के अनुरूप प्रश्नों पर भी यही व्यवस्था लागू की जाए और एक माह के भीतर संशोधित मेरिट सूची पुनः प्रकाशित की जाए. खंडपीठ ने फिलहाल उक्त आदेश के क्रियान्वयन पर रोक लगा दी है.

मामले के अनुसार क्लैट 2026 का आयोजन 7 दिसंबर, 2025 को हुआ था. याची ने टेस्ट दिया था. उसने टेस्ट बुकलेट-सी के सवाल नंबर 6, 9 और 13 (मास्टर बुकलेट-ए के सवाल 88, 91 और 95 के बराबर) की आंसर-की को चुनौती दी थी. हालांकि, कोर्ट ने सवाल 6 और 13 में दखल देने से इनकार कर दिया था.

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