
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी 29 दिसंबर से प्री-बजट बैठकें शुरू करेंगे। इस दौरान वे उद्योगपतियों, किसानों और अन्य संबंधित वर्गों के साथ रायशुमारी करेंगे ताकि बजट में सभी वर्गों के हितों को शामिल किया जा सके।
उद्योगपतियों के साथ बैठकें
सीएम की पहली बैठक पानीपत में उद्योगपतियों के साथ होगी। इसके बाद वे सोनीपत और गुरुग्राम में भी उद्योगपतियों से विचार-विमर्श करेंगे। इन बैठकों के बाद ही बजट तैयार किया जाएगा, ताकि प्रदेश की आर्थिक और औद्योगिक नीतियाँ वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप हों।
किसानों और आम जनता के लिए भी फोकस
मुख्यमंत्री केवल उद्योगपतियों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि किसानों और अन्य वर्गों के साथ भी बैठक करेंगे। सीएम की यह पहल बजट को समावेशी और संतुलित बनाने की दिशा में है। किसानों से यह पता लगाया जाएगा कि वे बजट में किस तरह की नई योजनाएँ चाहते हैं और किस तरह की मौजूदा योजनाओं में बदलाव आवश्यक है।
विधायकों और सांसदों के साथ संवाद
बजट से पूर्व मुख्यमंत्री विधायकों और सांसदों के साथ भी बैठक करेंगे। इसमें न केवल सत्ताधारी भाजपा के विधायक शामिल होंगे, बल्कि कांग्रेस, इनेलो और निर्दलीय विधायकों से भी राय ली जाएगी। इसका उद्देश्य बजट को सभी वर्गों और राजनीतिक दृष्टिकोणों के अनुरूप तैयार करना है।
बजट पेश होने की संभावना
सूत्रों के अनुसार, हरियाणा का बजट मार्च के अंत तक पेश किया जा सकता है। इस बजट में प्रदेश के विकास, किसानों के कल्याण और औद्योगिक निवेश को ध्यान में रखते हुए नई और सुधारात्मक योजनाएँ शामिल की जाएँगी।



