भीषण ठंड से राहत: यूपी में मुख्यमंत्री योगी के निर्देश पर 1 से 12वीं तक सभी स्कूल 1 जनवरी तक बंद

उत्तर प्रदेश में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। पहाड़ी इलाकों से आ रही सर्द हवाओं और गिरते तापमान के कारण मैदानी क्षेत्रों में ठिठुरन काफी बढ़ गई है। भीषण ठंड और घने कोहरे को देखते हुए राज्य सरकार ने बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए स्कूलों में अवकाश का बड़ा फैसला लिया है।
मौसम विभाग की चेतावनी से बढ़ी चिंता
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार प्रदेश के अधिकांश जिलों में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंचने की आशंका है। लखनऊ, वाराणसी, कानपुर, मेरठ सहित कई शहरों में दिन का तापमान भी सामान्य से काफी कम दर्ज किया गया है। घने कोहरे के कारण दृश्यता बेहद कम हो गई है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है, खासकर स्कूली वाहनों के लिए।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर स्कूल बंद करने का निर्णय
मौसम की गंभीर स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट निर्देश जारी किए थे कि बच्चों की सेहत से कोई समझौता न किया जाए। मुख्यमंत्री के आदेश के तुरंत बाद बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग ने प्रदेश भर के सभी बोर्डों के कक्षा 1 से 12वीं तक के स्कूलों को बंद करने का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया।
29 दिसंबर से 1 जनवरी तक अवकाश
शिक्षा निदेशक (बेसिक) प्रताप सिंह बघेल द्वारा जारी आदेश के अनुसार, कक्षा 1 से 12वीं तक के सभी विद्यालयों में 29 दिसंबर सोमवार से 1 जनवरी गुरुवार तक अवकाश रहेगा। यह आदेश उत्तर प्रदेश बोर्ड के साथ-साथ सीबीएसई, आईसीएसई और सभी सरकारी व सहायता प्राप्त निजी स्कूलों पर समान रूप से लागू होगा।
शीतलहर में लापरवाही पर सख्त कार्रवाई
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि शीतलहर के दौरान किसी भी स्थिति में स्कूल न खोले जाएं। आदेशों की अवहेलना करने वाले विद्यालयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उनकी मान्यता तक रद्द की जा सकती है। साथ ही मुख्यमंत्री ने रैन बसेरों में पर्याप्त व्यवस्था करने और सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलाने की व्यवस्था तेज करने के भी निर्देश दिए हैं।
अभिभावकों को राहत, छात्रों को सतर्क रहने की सलाह
स्कूल बंद होने के फैसले से अभिभावकों को बड़ी राहत मिली है, क्योंकि सुबह के समय घने कोहरे और ठंड में बच्चों को स्कूल भेजना जोखिम भरा हो गया था। वहीं, बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे 10वीं और 12वीं के छात्रों को सलाह दी गई है कि वे इस अवधि का उपयोग घर पर रहकर पढ़ाई और रिवीजन में करें।



