उत्तर प्रदेश 2025: योगी सरकार के 10 प्रमुख फैसले और योजनाएं

लखनऊ। वर्ष 2025 उत्तर प्रदेश के लिए न केवल एक कैलेंडर वर्ष रहा, बल्कि नीति, निर्णय और परिणामों का स्वर्णिम अध्याय साबित हुआ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश ने किसानों, युवाओं, महिलाओं, शिक्षकों और श्रमिकों के लिए कई ऐतिहासिक फैसले लिए।
1. शिक्षक स्वास्थ्य सुरक्षा
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लगभग 9 लाख शिक्षकों को कैशलेस इलाज की सुविधा।
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बेसिक, माध्यमिक, उच्च शिक्षा शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक और रसोइए शामिल।
2. आउटसोर्स कर्मचारियों का सशक्तिकरण
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यूपी आउटसोर्स सेवा निगम की स्थापना।
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पारदर्शी भर्ती, समय पर वेतन, ईपीएफ-ईएसआई, न्यूनतम ₹16–20 हजार वेतन।
3. किसान कल्याण
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लघु और सीमांत किसानों को 6% ब्याज दर पर ऋण।
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गन्ना मूल्य में 30 रुपये/क्विंटल की वृद्धि।
4. युवाओं के लिए ऐतिहासिक पुलिस भर्ती
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60,244 पुलिस पदों पर भर्ती।
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12,000 से अधिक महिलाएं चयनित।
5. समग्र विकास: ‘विकसित यूपी अभियान’
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‘समर्थ उत्तर प्रदेश पोर्टल’ के माध्यम से जनता से सुझाव।
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शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, शहरी और ग्रामीण विकास पर फोकस।
6. महिला सशक्तिकरण
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संपत्ति रजिस्ट्री शुल्क में 1% अतिरिक्त छूट।
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1 करोड़ रुपये तक की प्रॉपर्टी पर लागू।
7. अग्निवीरों का पुनर्वास
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यूपी पुलिस और पीएसी में 20% आरक्षण।
8. बेटियों और गरीब परिवारों के लिए लाभ
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सामूहिक विवाह योजना का अनुदान बढ़ाकर 1 लाख रुपये।
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आय सीमा बढ़ाकर 3 लाख रुपये।
9. महाकुंभ और ऐतिहासिक कैबिनेट बैठक
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महाकुंभ नगर में कैबिनेट बैठक कर नए फैसले।
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संगम स्नान के साथ कैबिनेट ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए।
10. बुजुर्गों की पेंशन योजना
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वृद्धावस्था पेंशन योजना को फैमिली आईडी से जोड़ा।
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पायलट प्रोजेक्ट अमेठी, कासगंज, गोरखपुर, ललितपुर और बस्ती में।
अन्य महत्वपूर्ण फैसले और योजनाएं
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महापुरुषों के नाम पर संस्थान: बाबा साहब आंबेडकर छात्रावास, लोकमाता अहिल्याबाई महिला हॉस्टल, संत कबीरदास टेक्सटाइल पार्क, संत रविदास लेदर पार्क, चौधरी चरण सिंह सीड पार्क, अटल बिहारी वाजपेयी नगरीय पुस्तकालय।
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विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्तियां: भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी-चिवनिंग छात्रवृत्ति योजना।
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मेधावी छात्राओं के लिए: रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना।
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रोजगार सृजन: उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन।
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फूल किसानों को राहत: मंडी शुल्क से पूर्ण मुक्ति।
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क्षेत्रीय विकास: काशी-विंध्य क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण (KVRDA)।
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घुमंतू और विमुक्त जातियों के लिए: बोर्ड गठन, कॉलोनियों और आवास व्यवस्था।
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कृषि श्रमिकों के लिए: न्यूनतम मजदूरी बढ़ाकर ₹252/दिन।



