राज्यउत्तराखंड

राज्यपाल गुरमीत सिंह से प्रो. गणेश रामकृष्णन ने की शिष्टाचार भेंट, ‘भारत-जेन एआई’ पर चर्चा

देहरादून: राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) से शनिवार को लोक भवन में आईआईटी मुंबई के प्रोफेसर गणेश रामकृष्णन ने शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल भी उपस्थित रहीं।

भारत-जेन एआई पहल पर विस्तृत चर्चा

भेंट के दौरान प्रोफेसर गणेश रामकृष्णन के मार्गदर्शन में विकसित स्वदेशी एआई पहल ‘भारत-जेन’ के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा हुई। इस पहल के माध्यम से भारत को एआई के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व प्रदान करने की दिशा में कदम बढ़ाने पर जोर दिया गया।

राज्यपाल की प्रतिक्रिया

राज्यपाल गुरमीत सिंह ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस भारत के लिए क्रांतिकारी और परिवर्तनकारी कदम है। उन्होंने कहा कि एआई और आधुनिक तकनीक ही वह शक्ति हैं, जिनके माध्यम से विकसित भारत का लक्ष्य साकार किया जा सकता है।

राज्यपाल ने यह भी कहा कि एआई को भारत की सांस्कृतिक धरोहर और ज्ञान परंपरा से जोड़ना आवश्यक है। उनके अनुसार वेद-पुराण, संस्कृत भाषा और भारतीय ज्ञान परंपरा में विद्यमान तार्किक संरचना आधुनिक कंप्यूटिंग और एआई से स्वाभाविक रूप से जुड़ी प्रतीत होती है। उन्होंने कहा कि ‘भारत-जेन एआई’ के माध्यम से भारतीय ज्ञान को आधुनिक तकनीक के साथ एक नया और सशक्त स्वरूप प्राप्त होगा।

प्रोफेसर गणेश रामकृष्णन का दृष्टिकोण

प्रोफेसर गणेश रामकृष्णन ने कहा कि ‘भारत-जेन’ का मूल उद्देश्य है कि हर भारतीय तकनीक और एआई का केवल उपभोक्ता न होकर निर्माता बने। उन्होंने कहा कि केवल तकनीक का उपभोग करने से इसके संचालन, प्रभाव और संभावनाओं को पूरी तरह नहीं समझा जा सकता। उन्होंने जोर दिया कि एआई के प्रति जिज्ञासा, परिवर्तन की चाह और सकारात्मक दृष्टिकोण ही नवाचार को गति देता है।

राज्यपाल ने प्रोफेसर रामकृष्णन द्वारा दिए गए सरल, स्पष्ट और विस्तृत प्रस्तुतीकरण की भी सराहना की।

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