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अमृतसर: एसएसपी विजिलेंस लखबीर सिंह निलंबित, 55 करोड़ रुपये के टेंडर घोटाले की जांच

अमृतसर: जिले के पुलिस प्रमुख विजिलेंस लखबीर सिंह को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई करोड़ों रुपये के एक टेंडर घोटाले की जांच से जुड़ी है, जिसमें जांच की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे थे।

निलंबन की पृष्ठभूमि

सूत्रों के अनुसार, यह निलंबन कंस्ट्रक्शन कंपनी और संभवतः किसी वरिष्ठ आईएएस अधिकारी की शिकायत के बाद हुआ है। मामला अमृतसर के रणजीत एवेन्यू में 55 करोड़ रुपये के टेंडर से संबंधित है, जिसमें विकास का कोई काम नहीं हुआ और करोड़ों रुपये का घोटाला किया गया। आरोप है कि यह राशि कई लोगों में बाँटी गई थी, जिसकी शिकायत सरकार तक पहुंची।

लखबीर सिंह का करियर और हालिया घटनाक्रम

लखबीर सिंह को अप्रैल 2025 में एसएसपी विजिलेंस के पद पर नियुक्त किया गया था। उल्लेखनीय है कि 25 जून 2025 को बिक्रम मजीठिया को गिरफ्तार करने वाली टीम के प्रमुख भी लखबीर सिंह ही थे। लगभग नौ महीने के भीतर ही उन्हें भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते निलंबित कर दिया गया।

लखबीर सिंह की प्रतिक्रिया

विजिलेंस एसएसपी लखबीर सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि न तो उन्हें निलंबन की आधिकारिक सूचना मिली है और न ही सरकार की ओर से कोई आदेश जारी किया गया है। उन्होंने बताया कि उन्हें इस मामले की जानकारी इंटरनेट और खबरों के माध्यम से मिली।

टेंडर और मामले की स्थिति

रणजीत एवेन्यू में 55 करोड़ के टेंडर के तहत सीवरेज और स्ट्रीट लाइट से जुड़े कार्य कराए जाने थे। पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस मामले में एक समाजसेवी के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज की गई है। मामले में औपचारिक जानकारी मिलने के बाद आगे अपडेट किया जाएगा।

राजनीतिक प्रतिक्रिया

एसएसपी विजिलेंस के खिलाफ कार्रवाई पर विधायक कुलदीप धालीवाल ने कहा कि उन्होंने इस मामले के बारे में सुना है और संभव है कि लखबीर सिंह से कुछ चूक हुई हो। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान की ओर से पहले भी प्रशासन में पारदर्शिता और ईमानदारी सुनिश्चित करने के लिए कई कार्रवाई की गई हैं।

विधायक ने स्पष्ट किया कि फिलहाल उनके पास पूरे मामले की जानकारी नहीं है और न ही यह पता है कि इसमें किन लोगों को नामजद किया गया है। उन्होंने कहा कि पूरा विवरण मिलने के बाद ही आगे बयान देंगे

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