उत्तर प्रदेशराज्य

यूपी में धरातल पर उतरेंगे 7 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव, हर जिले में इन्वेस्टमेंट, CM योगी आदित्यनाथ का जीबीसी 5.0 के लिए निर्देश

लखनऊ। प्रदेश को देश का सबसे बड़ा औद्योगिक और निवेश केंद्र बनाने की दिशा में योगी सरकार ने अब ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी (जीबीसी)-5.0 को निर्णायक मंच के रूप में तैयार करना शुरू कर दिया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को अपने आवास पर इन्वेस्ट यूपी के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में कहा कि प्रदेश में सात लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव अब धरातल पर उतरने को तैयार हैं। जीबीसी-5.0 के तहत केवल बड़े शहरों तक निवेश सीमित न रहे, प्रत्येक जिले तक उद्योग पहुंचे, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि हो सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश अब पारंपरिक औद्योगिक राज्य की छवि से आगे बढ़ चुका है। रक्षा निर्माण, इलेक्ट्रॉनिक्स, ग्रीन एनर्जी, डाटा सेंटर, लाजिस्टिक्स और हाइटेक मैन्युफैक्चरिंग जैसे सेक्टर प्रदेश की नई औद्योगिक पहचान बन रहे हैं। बैठक में इन्वेस्ट यूपी के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को ‘लीड्स-2025’ रैंकिंग में प्रदेश को मिले अवॉर्ड से सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने डिफेंस कॉरिडोर की बढ़ती मांग पर कहा कि रक्षा उद्योगों के अनुरूप पर्याप्त भूमि उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। जिन परियोजनाओं को वर्षों पहले जमीन आवंटित की गई, लेकिन अब तक निवेश शुरू नहीं हुआ, उनकी समीक्षा की जाए

निवेशकों की समस्याएं समय से सुलझाएं, वही बनेंगे यूपी के ब्रांड एम्बेसडर

सीएम योगी ने कहा कि वर्तमान समय में विदेशी प्रत्यक्ष निवेश आकर्षित करना सबसे महत्वपूर्ण चुनौती और अवसर दोनों है। इसके लिए व्यापक और पेशेवर प्रयास किए जाने चाहिए। निवेशकों से अच्छा व्यवहार और उनकी समस्याओं का समयबद्ध समाधान उन्हें प्रदेश का ‘ब्रांड एम्बेसडर’ बना सकता है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि निवेशकों को मिलने वाले इंसेंटिव को कार्यक्रम आयोजित कर सम्मानपूर्वक दिया जाए, ताकि उनका मनोबल बढ़े और दूसरे निवेशकों में भी सकारात्मक संदेश जाए।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि एमओयू साइन करने से पहले संबंधित कंपनियों और संस्थानों की पूरी पड़ताल जरूरी है। सरकार केवल कागजी निवेश नहीं चाहती है। धरातल पर उद्योग स्थापित हों और रोजगार पैदा हो, यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए। बैठक में उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कारिडोर के तहत लखनऊ में प्रस्तावित ‘उत्तर प्रदेश रक्षा एवं एफडीआई कॉन्क्लेव-2026’ का भी प्रस्तुतीकरण किया गया।

जापान-सिंगापुर से बड़े निवेश प्रस्ताव, अगस्त में होगी बिजनेस मिशन ट्रिप

अधिकारियों ने बताया कि यह कॉन्क्लेव प्रदेश की नई औद्योगिक रणनीति का बड़ा मंच बनेगा, जिसका उद्देश्य रक्षा और एयरोस्पेस उद्योगों को आकर्षित करना, वैश्विक निवेशकों को जोड़ना और उद्योग-सरकार-रक्षा संस्थानों के बीच मजबूत इकोसिस्टम तैयार करना है। बैठक में विभिन्न सेक्टर डेस्क की प्रगति रिपोर्ट भी प्रस्तुत की गई।

अधिकारियों ने बताया कि जापान से लगभग 50 हजार करोड़ रुपये, सिंगापुर से 40 हजार करोड़ रुपये, जर्मनी और यूके से पांच हजार करोड़ रुपये, ताइवान से तीन हजार करोड़ रुपये, यूएई से 2,074 करोड़ रुपये तथा दक्षिण कोरिया से 1,600 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।

अगस्त में सिंगापुर और जापान बिजनेस मिशन ट्रिप प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इन मिशन ट्रिप को पूरी तैयारी और पेशेवर तरीके से आयोजित किया जाए, ताकि प्रदेश को एशिया के बड़े विनिर्माण और टेक्नोलॉजी निवेश केंद्र के रूप में स्थापित किया जा सके।

आठ जोन में रहेगा प्रदर्शनी स्थल

बैठक में जीबीसी-5.0 के आयोजन की विस्तृत रूपरेखा भी प्रस्तुत की गई। अधिकारियों ने स्टेज डिजाइन, एग्जीबिशन लेआउट और थीम जोन की जानकारी दी। प्रदर्शनी को आठ प्रमुख जोन में बांटा गया है। इनमें ‘व्हाई यूपी’ के जरिए प्रदेश के बदले औद्योगिक परिदृश्य को प्रदर्शित किया जाएगा, जबकि अन्य जोन में इन्फ्रास्ट्रक्चर ट्रांसर्मेशन, डिफेंस एवं एयरोस्पेस, ईवी और ग्रीन एनर्जी, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, टेक्सटाइल्स, टूरिज्म और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में हुए बदलाव दिखाए जाएंगे।

किस सेक्टर को कितने मिले निवेश प्रस्ताव

  • इलेक्ट्रॉनिक्स-8,050 करोड़ रुपये
  • ऑटोमोबाइल सेक्टर-722 करोड़ रुपये
  • ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर-2,487 करोड़ रुपये
  • स्टील एवं सीमेंट सेक्टर- 12,232 करोड़ रुपये
  • टेक्सटाइल्स सेक्टर-1,321 करोड़ रुपये

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button