
भारतीय जनता पार्टी पंजाब महिला मोर्चा की अध्यक्ष बीबा जय इंदर कौर ने आम आदमी पार्टी की पंजाब सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य में लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर करने के लिए प्रशासनिक ताकतों का दुरुपयोग किया जा रहा है। उनके अनुसार जिला परिषद चुनावों के दौरान विपक्षी उम्मीदवारों को नामांकन पत्र दाखिल करने से रोकने के लिए सरकारी अधिकारियों पर दबाव बनाया जा रहा है।
वायरल ऑडियो ने बढ़ाई राजनीतिक हलचल
बीबा जय इंदर कौर ने एसएसपी वरुण शर्मा की वायरल ऑडियो का जिक्र करते हुए कहा कि इसमें वह कथित रूप से पुलिस कर्मचारियों को विपक्षी उम्मीदवारों को रोकने के निर्देश देते सुनाई दे रहे हैं। उन्होंने इसे सरकार की धक्केशाही और लोकतांत्रिक मूल्यों के खुले उल्लंघन का प्रमाण बताया। साथ ही आरोप लगाया कि निष्पक्ष जांच करवाने के बजाय सरकार दोषी अधिकारियों को बचाने की कोशिश कर रही है।
हाईकोर्ट ने दिए निष्पक्ष फोरेंसिक जांच के निर्देश
मामले की कानूनी जानकारी साझा करते हुए उन्होंने बताया कि भाजपा की ओर से एडवोकेट हरनीत सिंह ओबराए ने इस प्रकरण को लेकर जनहित याचिका दाखिल की थी। हाईकोर्ट ने इसे गंभीर मामला मानते हुए आदेश दिए कि वायरल ऑडियो की सच्चाई सामने लाने के लिए इसे केंद्रीय फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी में जांच के लिए भेजा जाए।
लोकतांत्रिक संस्थाओं पर दबाव डालने के आरोप
जय इंदर कौर ने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब ‘आप’ सरकार पर चुनावी प्रक्रियाओं को प्रभावित करने के आरोप लगे हों। उन्होंने दावा किया कि नगर निगम और पंचायती चुनावों में भी इसी तरह का दबाव डालकर विपक्ष को कमजोर करने की कोशिश की गई थी, और अब जिला परिषद चुनाव भी उसी राह पर चलते दिख रहे हैं।
भाजपा का भरोसा और जनता की अपेक्षा
उन्होंने अंत में कहा कि उन्हें माननीय अदालत पर पूरा भरोसा है और पंजाब की जनता भी सरकार की कार्यशैली को ध्यान से देख रही है। उनके अनुसार लोग अपने अधिकारों के हनन को कभी स्वीकार नहीं करेंगे और भाजपा ऐसी असंवैधानिक गतिविधियों के विरोध में मजबूती से खड़ी रहेगी।



