उत्तराखंडराज्य

धामी ने साधा कांग्रेस पर निशाना, वंदे मातरम् और सैनिकों के सम्मान पर भी उठाए सवाल

हल्द्वानी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की आठ अगस्त को हल्द्वानी रैली में कथित तौर पर लगाए गए धार्मिक नारों को लेकर एक बार फिर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला।

उन्होंने कहा कि देवभूमि में वर्ग, क्षेत्र और जाति के आधार पर राजनीति किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है। शुद्धीकरण को लेकर उठे विवाद पर सीएम ने इसे कांग्रेस की हताशा, निराशा और राजनीतिक नैरेटिव गढ़ने की दुर्भाग्यपूर्ण कोशिश करार दिया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी रविवार को चोरगलिया के एक रिसोर्ट में आयोजित भाजपा की मंडल अध्यक्षों के साथ ही सांसद व विधायकों की बैठक ली। इससे पहले पत्रकारों से बातचीत में सीएम धामी ने आरोप लगाया कि रैली के बाद रामलीला मैदान में धार्मिक उन्माद फैलाने वाले नारे लगाए गए और वहां गंदगी की गई। खाली बोतलों में पेशाब भर कर फेंका गया।

इसके विरोध में कुछ स्वयंसेवी धार्मिक संगठनों ने स्थल का शुद्धीकरण किया होगा। यह शुद्धीकरण इसलिए किया गया, क्योंकि उस मैदान में रामलीला का आयोजन होता है। इसलिए इसे खरगे को अपने ऊपर ले जाने की जरूरत ही नहीं थी, ऐसा सिर्फ वोट बैंक के लिए किया गया।

वंदे मातरम् और सैनिकों के सम्मान पर भी कांग्रेस को घेरा

सीएम ने कांग्रेस पर राष्ट्रभक्ति और सैनिकों के सम्मान को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उनका विरोध राहुल गांधी या कांग्रेस के प्रत्येक कार्यकर्ता से नहीं, बल्कि उन विचारों से है जिनमें वंदे मातरम् का विरोध किया जाता है और सैनिकों की कार्रवाई पर सवाल उठाए जाते हैं। उत्तराखंड सैनिकों की भूमि है और यहां सेना के जवानों का विशेष सम्मान है।

यह भी कहा कि डॉ. भीमराव आंबेडकर, बाबू जगजीवन राम और सीताराम केसरी के साथ कांग्रेस ने कभी अच्छा व्यवहार नहीं किया। जबकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार ने आंबेडकर से जुड़े पंचशील सिद्धांतों के साथ ही उनकी सोच को सम्मान देने का काम किया है।

धामी ने कहा कि राहुल गांधी की भाषा असंयमित और अमर्यादित हो गई है। उन्होंने एक कार्यक्रम में राष्ट्राध्यक्ष के सामने कथित तौर पर किए गए व्यवहार को लेकर भी कांग्रेस नेता की आलोचना की और कहा कि इससे महिलाओं के प्रति उनकी सोच पर भी सवाल उठते हैं।

मंडल अध्यक्षों संग सांसदों व विधायकों से की मंत्रणा

मुख्यमंत्री ने रिसोर्ट में पहले मंडल अध्यक्षों संग बैठक की। इसके बाद अल्मोड़ा लोकसभा क्षेत्र व फिर नैनीताल लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, विधायकों व जिलाध्यक्षों के साथ ही आगामी चुनाव को लेकर मंथन किया।

सीएम ने कहा कि गढ़वाल मंडल के मंडल अध्यक्षों और जिलाध्यक्षों के साथ बैठक हो चुकी है। इसी क्रम में कुमाऊं मंडल के सभी मंडल अध्यक्षों और जिलाध्यक्षों के साथ बैठक की गई। इसमें आगामी कार्यक्रमों और संगठन की मजबूती को लेकर पदाधिकारियों के साथ चर्चा की गई।

किसी भी परियोजना में कार्मिकों की सुरक्षा से समझौता न हो

सीएम ने पीपलकोटी घटना को बेहद दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि हादसे के समय 22 लोग वहां थे, जिनमें से 20 को बाहर निकाला जा चुका है। हादसे में कुछ लोग हताहत हुए हैं और दो लोगों की तलाश अभी जारी है। मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने घटना की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता निर्माण परियोजनाओं में काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा है। चाहे टनल हो, रोपवे, सड़क या अन्य परियोजना कार्मिकों की सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होना चाहिए। प्राथमिकता घायलों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने और लापता लोगों की तलाश पूरी करने की है।

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