मथुरा में साइबर ठगों का बड़ा खुलासा: पुलिस ने 42 ठगों को किया गिरफ्तार

मथुरा जिले में ठगों का सक्रिय गिरोह अब गांव-गांव फैला हुआ है। हाल ही में पुलिस ने ठगों की बढ़ती गतिविधियों को रोकने के लिए गुरुवार सुबह पांच बजे चार गांवों में बड़े पैमाने पर छापेमारी की। इस अभियान में साढ़े तीन सौ से अधिक पुलिसकर्मियों ने भाग लिया और 12 घंटे तक तलाशी अभियान चला।
ठगों की गिरफ्तारी और भगदड़
पुलिस ने घर-घर दबिश देकर 42 ठगों को गिरफ्तार किया, जबकि करीब 120 लोग खेतों के रास्ते राजस्थान की सीमा की ओर भागने में सफल रहे। जब छापेमारी शुरू हुई, तब अधिकांश लोग गहरी नींद में थे, जिससे गांव में भगदड़ मच गई और कई ठग घरों से कूदकर भागने लगे।
बरामद सामग्री
पुलिस ने तलाशी अभियान में महत्वपूर्ण सामग्री बरामद की, जिसमें शामिल हैं:
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सात बाइक
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भारी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री
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कई फर्जी कागजात
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दर्जनों मोबाइल और सिमकार्ड
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डिजिटल उपकरण
कई मोबाइलों में ठगी के साक्ष्य, बैंकिंग एप और वारदात से जुड़े संदेश भी पाए गए।
ठगी के तरीके और गिरोह की पहचान
जिले में करीब एक दर्जन गांव साइबर ठगों के कारण बदनाम हैं। इन गांवों के 80 प्रतिशत से अधिक युवा ठगी में शामिल हैं और इन्हें “टटलू” नामक गिरोह से जाना जाता है। पहले यह गिरोह नकली ईंट और सस्ता सामान बेचने का लालच देकर लोगों को बुलाता और फिर लूट करता था। वर्षों से यह गिरोह ऑनलाइन ठगी कर रहा है और हजारों लोगों को चूना लगा चुका है।
पुलिस की रणनीति
एसएसपी श्लोक कुमार ने इन गांवों की कई दिनों से निगरानी रखी थी। छापेमारी में चार एएसपी, चार सीओ, 15 थाना प्रभारी, 27 सब-इंस्पेक्टर, 300 पुलिसकर्मी, दो प्लाटून पीएसी और बम स्क्वायड टीम शामिल थे। एसपी ग्रामीण सुरेश चंद्र रावत ने बताया कि निगरानी के बाद सुबह पांच बजे यह अभियान शुरू किया गया।
निष्कर्ष
यह कार्रवाई झारखंड के मथुरा जिले में कानून व्यवस्था मजबूत करने और साइबर ठगों के खिलाफ कड़ा संदेश देने के लिए अहम साबित हुई है। पुलिस अब पकड़े गए शातिरों से पूछताछ कर रही है और भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम की योजना बना रही है।


