
हरियाणा कैबिनेट की बैठक में मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय लेते हुए हांसी को नया जिला बनाने की स्वीकृति प्रदान की गई। इस फैसले के साथ ही हांसी हरियाणा राज्य का 23वां जिला बन जाएगा। यह निर्णय क्षेत्रीय प्रशासन को मजबूत करने और नागरिकों को बेहतर सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
राज्य पुनर्गठन समिति की सिफारिश पर बनी सहमति
विकास एवं पंचायत मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार की अध्यक्षता में गठित राज्य पुनर्गठन समिति ने 9 दिसंबर, 2025 को आयोजित बैठक में जिला हांसी के गठन को मंजूरी देते हुए अपनी सिफारिश राज्य सरकार को भेजी थी। समिति की इस सिफारिश को बाद में मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी द्वारा औपचारिक स्वीकृति प्रदान की गई।
हिसार जिले से अलग होगा नया जिला हांसी
प्रस्तावित जिला हांसी में हांसी और नारनौंद विधानसभा क्षेत्रों को शामिल किया जाएगा, जो वर्तमान में हिसार जिले का हिस्सा हैं। नए जिले के अंतर्गत कुल 110 गांव आएंगे। प्रशासनिक दृष्टि से जिले में दो उपमंडल—हांसी और नारनौंद—स्थापित किए जाएंगे, जिन्हें हिसार जिले से पृथक किया जाएगा।
तहसील, उप-तहसील और ब्लॉक संरचना
नए जिले में तीन तहसीलें—हांसी, नारनौंद और बास—तथा एक उप-तहसील खेड़ी जालब शामिल होगी। इसके साथ ही जिले में तीन विकास खंड हांसी-1, हांसी-2 और नारनौंद होंगे, जिससे ग्रामीण और शहरी प्रशासन को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।
क्षेत्रफल और जनसंख्या का विवरण
प्रस्तावित जिला हांसी का कुल भौगोलिक क्षेत्रफल लगभग 1,34,976 हेक्टेयर होगा। जिले की अनुमानित जनसंख्या करीब 5,40,994 बताई गई है। जिला बनने के बाद क्षेत्र के नागरिकों को प्रशासनिक सेवाओं के लिए हिसार पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
जिला गठन के पीछे सरकार का उद्देश्य
हांसी को जिला बनाने का उद्देश्य नागरिक-केंद्रित सेवाओं तक आसान पहुंच सुनिश्चित करना, प्रशासनिक दक्षता बढ़ाना, अंतर-विभागीय समन्वय को मजबूत करना तथा क्षेत्रवासियों को सरकारी सेवाओं की त्वरित और प्रभावी उपलब्धता प्रदान करना है। इस संबंध में हिसार के उपायुक्त द्वारा प्रस्ताव तैयार कर मंडल आयुक्त के माध्यम से राज्य सरकार को भेजा गया था।
हांसी और नारनौंद विधानसभा क्षेत्रों के अंतर्गत शामिल गांव
प्रस्तावित जिला हांसी में हांसी शहर सहित कुल 110 गांव शामिल किए जाएंगे, जिनमें प्रमुख रूप से अनीपुरा, बडाला, बांडा हेडी, बाडा जग्गा, बड़छपर, बास आजमशाहपुर, बास अकबरपुर, बास बादशाहपुर, बास खुर्द बिजान, भकलाना, भैणी अमीरपुर, भाटला, भाटोल जाटान, भाटोल रागडान, बीड हांसी, बुडाना, चानोत, डाटा, दयाल सिंह कॉलोनी, दैपल, धामियां, ढाणा खुर्द, ढाणा कलां, ढंढेरी, ढाणी ब्राह्मणान माजरा राजपुरा, ढाणी गुजरान, ढाणी केंदु, ढाणी कुम्हारान, ढाणी कुन्दनपुर, ढाणी पाल, ढाणी पीरान, खेड़ा रागडान, खेड़ी गगन, खेड़ी जालब, खेड़ी लोचब, खेड़ी रोज और खेड़ी श्योराण, किन्नर, कोथ कलां, कोथ खुर्द, कुलाना, कुम्भा, कुतुबपुर, लालपुरा, लोहारी राघो, मदन हेडी, माढा, मैहंदा, महजद, माजरा, मामनपुरा, मसूदपुर, मिलकपुर, मिर्चपुर, मोहला, मोठ करनैल साहब, मोठ रांगडान, मुजादपुर, नाडा, नारनौंद, नारनौंद औंगशाहपुर, पाली, पेटवाड़, प्रेमनगर, ढाणी पीरावाली, ढाणी पुरिया, ढाणी राजू, ढाणी सकरी, ढाणी ठाकरिया, धर्म खेड़ी, गढ़ी, गढ़ी अजिमा, गामड़ा, घिराय, गुराना, हैबतपुर, हाजमपुर, जमावड़ी, जामनी खेड़ी, जीतपुरा, कांगसर, कंवारी, कापड़ो, खाण्डा खेड़ी, खानपुर, खरबला, खरकड़ा, पुट्ठी मंगलखां, पुट्ठी समैण, राजपुरा, राजथल, राखी खास, राखी शाहपुर, रामायण, रामपुरा, रोशन खेड़ा माजरा खरबला, सैनीपुरा, शेखपुरा, सिंधर, सिंघवा खास, सिंघवा राघो, सीसर, सिसाय बोला, सिसाय कालीरावण, सोरखी, सुलचानी, सुल्तानपुर, थुराना, उगालन और उमरा शामिल हैं।



