उत्तर प्रदेश

कागभुसुंडी प्रतिमा विवाद में नया मोड़, वायरल वीडियो ने बदली चर्चा

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रामनगरी अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर से जुड़े विभिन्न विवादों और आरोपों के बीच कागभुसुंडी जी की चांदी की प्रतिमा को लेकर एक नया घटनाक्रम सामने आया है। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे एक वीडियो ने इस पूरे मामले को नई दिशा दे दी है। वीडियो में कारसेवकपुरम के एक सेवादार को कथित रूप से कागभुसुंडी जी की प्रतिमा दिखाते हुए देखा जा सकता है। वह दावा कर रहा है कि जिस प्रतिमा को लेकर चोरी या गायब होने के आरोप लगाए गए थे, वह पूरी तरह सुरक्षित है और आज भी नियमित रूप से उसकी पूजा-अर्चना की जा रही है।

वीडियो में सेवादार प्रतिमा के सामने खड़ा होकर कहता दिखाई दे रहा है कि कागभुसुंडी जी की चांदी की प्रतिमा कारसेवकपुरम में सुरक्षित रखी गई है। उसका कहना है कि प्रतिदिन विधि-विधान और धार्मिक परंपराओं के अनुसार पूजा की जाती है। सेवादार ने दावा किया कि प्रतिमा के गायब होने या चोरी होने की जो बातें कही गई थीं, वे तथ्यों की पूरी जानकारी के बिना सामने लाई गईं, जिससे लोगों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हुई।

वायरल वीडियो में सेवादार ने दान की भावना को लेकर भी अपनी बात रखी। उसने कहा कि धार्मिक परंपराओं में दान का महत्व श्रद्धा, विश्वास और समर्पण से जुड़ा होता है। उसके अनुसार जिस महिला ने यह प्रतिमा दान की थी, बाद में उन्होंने प्रतिमा के बारे में सवाल उठाए और उसकी स्थिति जानने की मांग की। सेवादार का कहना है कि दान के बाद बार-बार उसके उपयोग या स्थिति का हिसाब मांगना दान की आध्यात्मिक भावना को प्रभावित करता है। हालांकि यह उसका व्यक्तिगत धार्मिक दृष्टिकोण बताया जा रहा है।

गौरतलब है कि कुछ समय पहले एक महिला ने आरोप लगाया था कि उनके द्वारा दान की गई चांदी की कागभुसुंडी प्रतिमा का कोई स्पष्ट रिकॉर्ड नहीं मिल रहा है और उन्हें यह जानकारी नहीं दी जा रही कि प्रतिमा कहां है। महिला के आरोपों के बाद यह मामला सोशल मीडिया और धार्मिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया था। कई लोगों ने प्रतिमा की स्थिति को लेकर सवाल उठाए थे।

अब सामने आए इस वीडियो के बाद विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। वीडियो में प्रतिमा को दिखाते हुए यह दावा किया गया है कि वह कारसेवकपुरम में सुरक्षित है और नियमित पूजा का हिस्सा बनी हुई है। हालांकि वीडियो में किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हुई है और मामले को लेकर आधिकारिक स्तर पर कोई विस्तृत बयान भी सामने नहीं आया है।

फिलहाल सोशल मीडिया पर वायरल यह वीडियो चर्चा का केंद्र बना हुआ है। एक ओर जहां समर्थक इसे आरोपों का जवाब मान रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ लोग पूरे मामले में आधिकारिक स्पष्टीकरण और पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं। ऐसे में अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि संबंधित पक्ष और जिम्मेदार संस्थाएं इस विवाद पर आगे क्या रुख अपनाती हैं।




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