उत्तर प्रदेशराज्य

कौन हैं बिहार में जिताने वाले विनोद तावड़े, क्यों मिली चुनावी राज्य UP में BJP की हैट्रिक की जिम्मेदारी

भाजपा पूरी तरह से चुनावी मोड में आ चुकी है। नितिन नवीन की नई टीम के ऐलान के बाद अब विधानसभा चुनाव की दहलीज पर खड़े राज्यों में संगठन को चुस्त दुरुस्त किया जा रहा है। इसी कड़ी में राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े को यूपी का प्रभारी बनाया गया है। इसके साथ ही गुजरात के जगदीश ईश्वरभाई पटेल को सहप्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है। नितिन नवीन की टीम में जगदीश सचिव हैं। विनोद तावड़े इससे पहले यूपी में संगठनात्मक चुनावों की जिम्मेदारी से लेकर 2024 के लोकसभा चुनाव में स्टार कैंपेनर टूर की रणनीति तैयार करने तक अलग-अलग जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं।

महाराष्ट्र के मराठा समुदाय से आने वाले तावड़े को चुनावी रणनीतिकार के साथ संगठनात्मक कार्यों में बेहद माहिर माना जाता है। तावड़े की पत्नी का नाम वर्षा तावड़े है। वह भी विनोद तावड़े की तरह लंबे समय तक एबीवीपी से जुड़ी रहीं। इस समय सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में काम कर रही हैं। वह लेखिका भी हैं और बच्चों को गोद लेने के विषय पर किताब लिखी है। परिवार में एक बेटी अन्वी है।

विनोद तावड़े पिछले कुछ महीनों से यूपी में लगातार सक्रिय थे। यहां तक कि योगी कैबिनेट विस्तार के दौरान नामों का पैनल भी विनोद तावड़े ने तैयार किया था। संगठन विस्तार में भी सक्रिय भूमिका निभाई थी। बीजेपी संगठन की हर बैठक में मौजूद रहते थे। इसी के बाद से उनके प्रभारी बनने की अटकलें लगाई जा रही थीं।

कई बड़े अभियानों का नेतृत्व किया

विनोद तावड़े को भाजपा के कुशल चुनावी और संगठनात्मक प्रबंधकों में से माना जाता है। उन्होंने बिहार, गुजरात, राजस्थान, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में पार्टी के संगठनात्मक और चुनाव संबंधी महत्वपूर्ण प्रभार संभाले हैं। तावड़े ने भाजपा के राष्ट्रीय सदस्यता अभियान, ‘मेरी माटी मेरा देश’, ‘हर घर तिरंगा’ और ‘मन की बात’ जैसे कई बड़े अभियानों के राष्ट्रीय समन्वयक के रूप में काम किया है।

तावड़े इस समय महाराष्ट्र से राज्यसभा सांसद भी हैं। पुणे से इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग करने वाले तावड़े का राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से शुरुआत से ही जुड़ाव रहा। उन्होंने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) में पूर्णकालिक कार्यकर्ता और मुंबई इकाई के प्रमुख के रूप में छात्र राजनीति से अपनी पहचान बनाई। 1995-1999 और 2002-2011 तक महाराष्ट्र भाजपा के राज्य महासचिव रहे। 1999 में मुंबई भाजपा के सबसे युवा अध्यक्ष बने। नवंबर 2021 से लगातार भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

सांसद से पहले एमएलसी और विधायक रहे

राज्यसभा का सांसद बनने से पहले महाराष्ट्र में विधान परिषद और विधानसभा के सदस्य भी रहे। 2011-2014 तक विधान परिषद और 2014 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में मुंबई की बोरीवली से विधायक बने थे। देवेंद्र फडणवीस सरकार ने उन्हें मंत्री भी बनाया। स्कूली शिक्षा, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा, खेल व युवा कल्याण, सांस्कृतिक कार्य और मराठी भाषा जैसे प्रमुख मंत्रालयों का कार्यभार संभाला।

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