
चंडीगढ़, 22 दिसंबर 2025: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने वर्ष 2025-26 के दौरान समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए निरंतर जन-हितैषी नीतियां लागू की हैं। बुज़ुर्गों, महिलाओं, बच्चों और दिव्यांगजनों की सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए कई महत्वपूर्ण पहलें की गई हैं। यह जानकारी सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने दी।
सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का प्रभाव
डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि वर्ष 2025 के लिए सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत 6175 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया, जिसमें से नवंबर 2025 तक 4683.94 करोड़ रुपये वृद्धावस्था पेंशन और अन्य वित्तीय सहायता के रूप में जारी किए जा चुके हैं। वर्तमान में 35 लाख 29 हजार 216 लाभार्थियों को निरंतर वित्तीय सहायता मिल रही है, जो सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
बाल भिक्षावृत्ति और बाल तस्करी के खिलाफ अभियान
पंजाब सरकार ने बाल भिक्षावृत्ति को जड़ से खत्म करने के लिए प्रोजेक्ट जीवनजोत शुरू किया। इसके तहत राज्य के सभी जिलों में हर माह विशेष छापेमारी की जाती है। प्रोजेक्ट जीवनजोत 2.0 ने अभियान को और प्रभावी बनाया, जिससे अब तक 766 बच्चों को भीख मांगने से बचाकर शिक्षा और पुनर्वास मुहैया कराया गया।
बाल विवाह रोकथाम और सुरक्षा
सरकार ने बाल विवाह रोकने के लिए भी महत्वपूर्ण कदम उठाए। वर्ष 2025 में 64 बाल विवाह समय रहते रोके गए। राज्य भर में 2076 बाल विवाह निषेध अधिकारी इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
बच्चों की स्कूल सुरक्षा
सेफ स्कूल वाहन नीति के तहत बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है। पिछले चार महीनों में 2385 स्कूली बसों की जांच की गई, जिनमें से 404 बसों के चालान किए गए और सुरक्षा मानकों को पूरा न करने पर 2 बसें जब्त की गई।
दिव्यांगजनों और श्रवण बाधित लोगों के लिए पहल
पंजाब विधानसभा ने संकेत भाषा को लागू कर देश का पहला राज्य बनने का गौरव प्राप्त किया। इसके लिए 1 साइन लैंग्वेज इंटरप्रेटर, 42 स्पेशल एजुकेटर और 48 ट्रांसलेटर नियुक्त किए गए। इसके अलावा, नेत्रहीन व्यक्तियों को निःशुल्क यात्रा और दिव्यांगजनों को आधा किराया सुविधा दी जा रही है।
महिलाओं के लिए कल्याणकारी योजनाएं
राज्य के सभी जिलों में वन स्टॉप सेंटर स्थापित हैं, जहां हिंसा प्रभावित महिलाओं को चिकित्सा, कानूनी, पुलिस सहायता, काउंसलिंग और सुरक्षित आवास जैसी पांच प्रकार की निःशुल्क सेवाएं प्रदान की जाती हैं। नवंबर 2025 तक 5121 महिलाओं ने इन सेवाओं का लाभ लिया।
सरकार ने सभी महिलाओं को सरकारी बसों में निःशुल्क यात्रा सुविधा दी है, जिसमें हर महीने लगभग 1.20 करोड़ महिलाएं लाभ उठा रही हैं। इसके लिए अब तक 450 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं।
आंगनवाड़ी केंद्रों और महिला स्वास्थ्य
राज्य के 27,000 से अधिक आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से 13 लाख 65 हजार महिलाओं को 3 करोड़ 68 लाख 72 हजार 550 सेनेटरी पैड निःशुल्क वितरित किए गए। वर्ष 2025-26 में 69,110 गर्भवती और दूध पिलाने वाली महिलाओं को 26.06 करोड़ रुपये की राशि सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की गई।
महिला हॉस्टल निर्माण
मोहाली, जालंधर और अमृतसर में लगभग 150 करोड़ रुपये की लागत से 5 कामकाजी महिला हॉस्टल बनाए जाएंगे, जिनका निर्माण 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है।
निष्कर्ष
डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार सामाजिक सुरक्षा, महिलाओं के सशक्तिकरण और सर्वांगीण विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यह पहलें एक खुशहाल और सुरक्षित पंजाब के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।



