उत्तराखंडराज्य

उत्तराखंड कैबिनेट के बड़े फैसले: गंगा एक्सप्रेसवे से श्रमिकों और पशुपालकों तक, जानें क्या बदला

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई उत्तराखंड कैबिनेट की बैठक में राज्य के विकास और जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं। महानिदेशक सूचना एवं अपर सचिव मुख्यमंत्री बंशीधर तिवारी ने मीडिया को दी गई जानकारी में बताया कि इन निर्णयों में ग्रामीण अर्थव्यवस्था, श्रमिक कल्याण, न्यायिक अवसंरचना और पर्यटन को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया है।

गंगा एक्सप्रेसवे का विस्तार और हाईकोर्ट के लिए भूमि

बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी को मजबूत करने के उद्देश्य से, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड सरकार के बीच गंगा एक्सप्रेसवे को मेरठ से हरिद्वार तक विस्तारित करने के लिए एक समझौता ज्ञापन (MOU) पर सहमति बनी है। इससे राज्य में धार्मिक पर्यटन और औद्योगिक निवेश को नई गति मिलेगी। इसके साथ ही, कैबिनेट ने उच्च न्यायालय परिसर के निर्माण के लिए हल्द्वानी के लामाचौड़ क्षेत्र में उपलब्ध 73 हेक्टेयर वन भूमि में से आवश्यकतानुसार लगभग 30 हेक्टेयर भूमि हस्तांतरित करने को भी अपनी मंजूरी दे दी है।

श्रमिक कल्याण के लिए लागू होंगी नई नियमावलियां

राज्य में मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए मजदूरी संहिता नियमावली-2026 लागू की जाएगी। इसमें न्यूनतम मजदूरी सुनिश्चित करने, ओवरटाइम का दोगुना भुगतान करने, हर महीने की 7 तारीख तक वेतन देने और समान कार्य के लिए महिलाओं व पुरुषों को समान वेतन देने के कड़े प्रावधान किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, औद्योगिक संबंध नियमावली-2026 को भी कैबिनेट ने हरी झंडी दे दी है, जिसमें औद्योगिक विवादों के समयबद्ध समाधान, ट्रेड यूनियनों की मान्यता और श्रमिकों के लिए री-स्किलिंग फंड जैसे महत्वपूर्ण बिंदु शामिल हैं।

पशुपालकों की आय बढ़ाने के लिए विशेष प्रावधान

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए राज्य सेक्टर की गौ पालन योजना का दायरा बढ़ा दिया गया है। अब सामान्य वर्ग के पशुपालकों को भी इस योजना से जोड़ा गया है और लाभार्थी गाय के साथ भैंस भी खरीद सकेंगे। पशु की यूनिट कॉस्ट 40 हजार से बढ़ाकर 60 हजार रुपये कर दी गई है। इस योजना के तहत अनुसूचित जाति एवं जनजाति को 90 प्रतिशत और सामान्य वर्ग को 60 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाएगी, जिससे प्रथम वर्ष में लगभग 2128 पशुपालकों को सीधा लाभ मिलेगा

शिक्षा, खेल और समाज कल्याण के क्षेत्र में पहल

हल्द्वानी के गौलापार स्थित उत्तराखण्ड राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय के सुचारू संचालन के लिए 122 नियमित पदों की स्वीकृति दी गई है, जिससे खिलाड़ियों को बेहतरीन प्रशिक्षण मिल सकेगा। वहीं, समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित अनुसूचित जाति एवं जनजाति छात्रावासों में छात्रों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए नई संचालन नियमावली-2026 लागू की जाएगी। इसके अलावा, दिनेशपुर और शक्तिफार्म क्षेत्र के बंगाली मूल के अनुसूचित जाति समुदाय के हितों को ध्यान में रखते हुए सहायता कोष संचालन समिति में उसी समुदाय से नामांकन का निर्णय लिया गया है, और सहकारी समिति नियमावली से कुष्ठ रोग से जुड़े भेदभावपूर्ण प्रावधान को हटा दिया गया है।

पर्यावरण संरक्षण, पारदर्शी प्रशासन और अन्य महत्वपूर्ण निर्णय

ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने वाली उच्चाधिकार प्राप्त समिति में अब वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को भी शामिल किया जाएगा। भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए उत्तराखण्ड वन विकास निगम में ‘स्केलर’ पदों पर भर्ती के लिए अब 100 अंकों की लिखित परीक्षा होगी। इसके अलावा, जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण पेयजल योजनाओं के हस्तांतरण के लिए भारत सरकार के निर्धारित प्रोटोकॉल को राज्य में लागू किया जाएगा और राज्य की कर व्यवस्था को राष्ट्रीय स्तर के अनुरूप रखने के लिए जीएसटी अधिनियम में संशोधन हेतु अध्यादेश लाया जाएगा।

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