
हरियाणा सरकार ने राज्य में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति पर सतत निगरानी रखने, उन्हें निर्धारित समय-सीमा में पूरा कराने और क्रियान्वयन में होने वाली देरी को रोकने के उद्देश्य से एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है। इस समिति का मुख्य लक्ष्य विकास परियोजनाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जवाबदेह बनाना है।
मुख्यमंत्री सहित वरिष्ठ अधिकारी समिति में शामिल
इस उच्चस्तरीय समिति में मुख्यमंत्री के साथ-साथ प्रधान सचिव डॉ. साकेत कुमार, मुख्यमंत्री के ओएसडी नरेंद्र पाल मलिक और मुख्यमंत्री के सीनियर कंसल्टेंट करण अहलावादी को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। समिति नीति निर्धारण से लेकर जमीनी स्तर पर कार्यों की प्रगति तक हर पहलू की निगरानी करेगी।
तकनीकी सहयोग के लिए इंजीनियरिंग वर्क्स पोर्टल का उपयोग
जन स्वास्थ्य विभाग के मुख्य अभियंता राजीव बातिश समीक्षा प्रक्रिया के दौरान हरियाणा इंजीनियरिंग वर्क्स पोर्टल से संबंधित तकनीकी सहायता उपलब्ध कराएंगे। इस डिजिटल माध्यम से विकास कार्यों की स्थिति, प्रगति और समय-सीमा की सटीक जानकारी प्राप्त की जा सकेगी।
हर 15 दिन में होगी विकास कार्यों की समीक्षा
निर्धारित प्रावधानों के अनुसार समिति राज्य में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा हर 15 दिन में एक बार करेगी। इसके अलावा विकास परियोजनाओं की समग्र प्रगति की समीक्षा हर दो महीने में मुख्यमंत्री स्तर पर भी की जाएगी, जिससे उच्चस्तर पर निगरानी सुनिश्चित हो सके।
परियोजनाओं की हर प्रक्रिया पर रखी जाएगी नजर
समिति विकास परियोजनाओं की प्रशासनिक स्वीकृति से लेकर कार्य आवंटन तक की समय-सीमा की समीक्षा करेगी। इसके साथ ही परियोजना की अवधारणा, प्रशासनिक स्वीकृति, कार्य आवंटन और कार्य शुरू होने के बीच लगने वाले समय की भी निगरानी की जाएगी। अन्य विभागों से आवश्यक अनुमतियों में होने वाली देरी को भी इस समीक्षा प्रक्रिया में शामिल किया गया है।



