
हरियाणा विधानसभा का शीतकालीन सत्र सोमवार को प्रश्नकाल के साथ शुरू होगा। इस दौरान सदन में हंगामे की पूरी संभावना है, क्योंकि पेपर लीक का मुद्दा फिर जोरशोर से उठाया जाएगा।
पेपर लीक मामले: INLD की तैयारी
इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) ने 2014 से 2024-25 के बीच हरियाणा लोक सेवा आयोग और हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग द्वारा आयोजित भर्तियों में हुए कथित पेपर लीक मामलों को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति बनाई है।
डबवाली से विधायक आदित्य चौटाला ने सरकार से वर्षवार पेपर लीक मामलों का पूरा ब्यौरा मांगा है। उन्होंने रद्द की गई भर्तियों और कानूनी कार्रवाई के बारे में भी स्पष्ट जवाब देने की मांग की है।
कृषि मुद्दे: सेम प्रभावित जमीन
फतेहाबाद से विधायक बलवान सिंह दौलतपुरिया ने राज्य में सेम से प्रभावित भूमि को कृषि योग्य बनाने और इसे सेम-मुक्त करने के लिए तैयार किए गए मास्टर प्लान की जानकारी मांगी।
खेल स्टेडियम की बदहाली
सदन में खेल सुविधाओं की स्थिति पर भी सवाल उठेंगे। हिसार से विधायक सावित्री जिंदल ने महावीर स्टेडियम की खराब हालत का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि स्टेडियम की बदहाली के कारण खिलाड़ी नियमित अभ्यास नहीं कर पा रहे हैं। इस मामले में खेल मंत्री से जवाब मांगा गया है।
पुलिस भर्ती का मुद्दा
रानियां से विधायक अर्जुन चौटाला ने राज्य में पुलिस विभाग के स्वीकृत पदों, रिक्त पदों और उनका जिला-वार, श्रेणी-वार, रैंक-वार विवरण मांगा।
साथ ही उन्होंने पूछा कि रिक्त पदों को भरने के लिए सरकार के पास कोई प्रस्ताव है या नहीं और कानून-व्यवस्था पर असर न पड़े इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जानकारी भी मांगी।
IMT सोहना: मुआवजा स्थिर
आईएमटी सोहना परियोजना के लिए 2010 में अधिग्रहित जमीन के मुआवजे को लेकर हरियाणा सरकार ने स्पष्ट किया कि मुआवजा राशि में कोई बढ़ोतरी नहीं की जाएगी।
नूंह से कांग्रेस विधायक आफताब अहमद के सवाल के जवाब में उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने बताया कि 9 गांवों की करीब 1501 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया गया था। उस समय किसानों को 16 लाख रुपये प्रति एकड़ मुआवजा दिया गया, जो कानूनी लाभ जोड़ने के बाद लगभग 24.94 लाख रुपये प्रति एकड़ हुआ।
रोजगार और पुनर्वास
विधायक आफताब अहमद ने यह भी पूछा कि पूर्व भू-स्वामियों के परिवार के युवाओं के लिए रोजगार देने का कोई प्रस्ताव है या नहीं। उद्योग मंत्री ने स्पष्ट किया कि ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।
हालांकि, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन (R&R) नीति के तहत पूर्व भू-स्वामियों को आवासीय प्लॉट आवंटन की व्यवस्था की गई, जिसके लिए 2010, 2011, 2018, 2021 और 2024 में विज्ञापन जारी किए गए।
निष्कर्ष
शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन विधानसभा में पेपर लीक, पुलिस भर्ती, किसानों के मुद्दे और खेल सुविधाओं की बदहाली जैसे अहम विषयों पर सरकार को तीखे सवालों का सामना करना पड़ेगा। यह सत्र राज्य की जनता के लिए महत्वपूर्ण सवालों और जवाबों का मंच साबित होगा।


