Yogi Adityanath ने की ‘मानव-केंद्रित एआई’ की सराहना, Narendra Modi के विज़न पर यूपी में एआई सिटी और एआई विश्वविद्यालय की पहल

लखनऊ : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कृत्रिम मेधा पर वैश्विक सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा प्रस्तुत ‘मानव-केंद्रित’, जिम्मेदार और पारदर्शी एआई के दृष्टिकोण की सराहना करते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि उत्तर प्रदेश इस दृष्टिकोण को धरातल पर उतारने के लिए दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। आदित्यनाथ ने ‘एक्स’ पर लिखा कि प्रधानमंत्री का एआई संबंधी दृष्टिकोण भविष्य की तकनीकी प्रगति के साथ-साथ नैतिक, समावेशी और जवाबदेह नवाचार का मार्ग प्रशस्त करता है।
नयी दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित ‘एआई इम्पैक्ट’ शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री ने एआई की पहुंच सभी के लिए सुनिश्चित करने के लिए ‘मानव विजन’ प्रस्तुत करते हुए कहा कि तेजी से विकसित हो रही इस तकनीक को अधिक ‘मानव-केंद्रित’ और जिम्मेदार बनाया जाना चाहिए। मोदी ने कहा, ”मैं एआई के लिए ‘मानव’ (एमएएनएवी) दृष्टिकोण प्रस्तुत करता हूं जिसमें ‘एम’ का अर्थ ‘मोरल एंड इथिकल सिस्टम्स’ (नैतिक एवं नीतिपरक प्रणालियां), ‘ए’ से तात्पर्य ‘अकाउंटेबल गर्वनेंस’ (जवाबदेह शासन), ‘एन’ से तात्पर्य ‘नेशनल सॉवेरिनिटी’ (राष्ट्रीय संप्रभुता), ‘ए’ से तात्पर्य ‘एक्सेसबल इंड इन्क्लूसिव’ (सुलभ और समावेशी) और ‘वी’ से तात्पर्य ‘वैलिड एंड लेजिटिमेट’ (वैध और कानूनी) है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी प्रेरणा से प्रदेश में देश की पहली एआई सिटी उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में विकसित की जा रही है, जो वैश्विक स्तर पर नवाचार और प्रौद्योगिकी अनुसंधान का केंद्र बनेगी। साथ ही उन्नाव में देश के पहले एआई-समर्थित बहुविषयक विश्वविद्यालय की स्थापना की गई है, जिसका उद्देश्य भविष्य के लिए तैयार मानव संसाधन तैयार करना है। उन्होंने बताया कि ‘एआई प्रज्ञा’ पहल के तहत 10 लाख से अधिक युवाओं को अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी कौशल से लैस किया जा रहा है ताकि उनकी वैश्विक प्रतिस्पर्धा क्षमता बढ़ सके।


