उत्तर प्रदेशराज्य

फूलों की खेती को मिलेगा बढ़ावा, यूपी में मंडी शुल्क से मिल सकती है मुक्ति

लखनऊ। Flower cultivation gets new wings in Uttar Pradesh: फूलों का उत्पादन करने के वाले किसानों को सरकार बड़ी राहत देने जा रही है। सभी तरह के फूलों को कृषि उपज की विनिर्दिष्ट सूची से बाहर किया जा रहा है। इसके लिए अधिसूचना जारी कर आपत्तियां मांगी गई हैं।

सूची में बाहर होने के बाद किसानों को सीधे बाजार में फूल बेचने का अवसर मिलेगा और उनको मंडी शुल्क नहीं अदा करना पड़ेगा। फूल उत्पादक किसान लंबे समय से मंडी शुल्क से मुक्ति की मांग उठा रहे हैं।

किसानों का तर्क है कि फूल जल्द ही खराब होने वाली उपज है, इनको समय पर बाजार तक पहुंचाना होता है। देरी होने पर इनकी गुणवत्ता प्रभावित होती है और कम कीमत मिलती है। पिछले वर्ष मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मांग को पूरा करने की बात कही थी।

इसके बाद 27 फरवरी को इसके लिए अधिसूचना जारी कर हितधारकों से 30 दिन में आपत्तियां मांगी हैं। इसमें कहा गया है कि सभी प्रकार के फूलों को प्रदेश की कृषि उपज मंडियों में विनिर्दिष्ट कृषि उत्पाद की सूची से हटाकर अविनिर्दिष्ट श्रेणी में रखा जाएगा।

वर्तमान में फूलों पर 1.5 प्रतिशत शुल्क लगता है, इसमें एक प्रतिशत मंडी शुल्क और आधा प्रतिशत विकास सेस शामिल है। हालांकि फल और अधिकतर सब्जियां पहले ही मंडी शुल्क से बाहर की जा चुकी हैं। अब प्रस्ताव के अमल में आने के बाद मंडी परिसर के बाहर फूलों के व्यापार पर मंडी शुल्क नहीं लगेगा।

इससे फूल उत्पादकों को सीधे बाजार, मंदिरों, होटल-इवेंट उद्योग और खुदरा विक्रेताओं को विक्रय करने में आसानी होगी। सरकार के इस कदम से फूलों की खेती को बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

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