उत्तर प्रदेशराज्य

‘लोहिया जी के शिष्यों को ये बात समझ क्यों नहीं आती’, सीएम योगी ने सपा को बताई श्रीराम-कृष्ण और शंकर की महिमा

अयोध्या। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भगवान श्रीराम हम सबको जोड़ने का माध्यम बन रहे हैं। लंबे संघर्ष के बाद जन्मभूमि पर भव्य राम मंदिर बन जाने के बाद अब देश के अलग-अलग प्रांतों से ही नहीं, दूसरे देशों से भी रामभक्त अयोध्या आ रहे हैं।

उन्होंने कहा, राम ही नहीं, देवाधिदेव महादेव व भगवान श्रीकृष्ण ने भी पूरे देश को जोड़े रखा है। भगवान शिव ने द्वाद्वश ज्योतिर्लिंगों के माध्यम से पूरे देश को कण-कण से जोड़ा है तो कृष्ण ने पूरब को पश्चिम तक एकाकार कर रखा है।

बुधवार को सायंकाल रामजन्मभूमि परिसर के परकोटे के शिव मंदिर पर धर्म ध्वजा का आरोहण करते हुए सीएम योगी ने कहा, डॉ. राममनोहर लोहिया कहा करते थे कि जब तक राम, कृष्ण व शिव हैं, इस देश का कोई बाल भी बांका नहीं कर सकता है, परंतु यह बात लोहिया के शिष्यों को समझ में नहीं आती है।

ध्वजारोहण के बाद उपस्थित रामभक्तों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने राम मंदिर निर्माण के लिए 500 वर्षों तक चले लंबे संघर्ष का विस्तार से वर्णन किया। कहा, उस दौर में हर सनातनी का एक सपना था, कैसे उनके प्रभु का भव्य प्रासाद बने। वह जहां भी रहते थे, मंदिर का सपना देखते थे, उसके लिए ही जीते थे।

पांच सौ वर्षों में कोई भी ऐसा दिन नहीं बीता, जब सनातनियों ने इसके लिए प्रयास न किया हो। लंबी कानूनी लड़ाई के बाद समस्या का समाधान हुआ और व्यापक हित को देखते हुए उच्च न्यायालय ने सर्वसम्मति से निर्णय दिया, फिर साक्ष्यों के आधार पर उस पर सर्वोच्च न्यायालय ने अपनी मुहर लगाई और दिव्य राम मंदिर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया।

मुख्यमंत्री ने कहा, मंदिर निर्माण के पक्ष में निर्णय आने से पहले जो रामद्रोही व सनातन विरोधी सशंकित थे और मंदिर का विरोध कर रहे थे, वह चुप हो गए। वह दिन भारत के इतिहास का सबसे शांत दिन था। अब तो देश के किसी भी हिस्से में जाइए, लोग ‘जयश्रीराम’ कहकर ही अभिवादन करते हैं।

उन्होंने बंगाल चुनाव प्रचार का जिक्र करते हुए कहा कि वहां भी हिंदी व बांग्ला में ही लोग जयश्रीराम कह रहे थे। मुख्यमंत्री ने रामलला के विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा के दिन को याद करते हुए कहाकि उस दिन तो आठ हजार लोग ही आमंत्रित रहे, परंतु पूरे देश से लोग अयोध्या में एकत्रित हो गए थे।

उन लोगों ने 23 जनवरी को अपने आराध्य का दर्शन किया। उस दिन अयोध्या में ऐसा दृश्य दिखा, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। कोई रामभक्त मंदिर के स्तंभ को चूम रहा था तो कोई अपलक अपने आराध्य का दर्शन कर रहा था। अब तो प्रतिदिन देश के विभिन्न हिस्सों से लाख-सवा लाख लोग दर्शन करने आ रहे हैं।

इस अवसर पर प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही, मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी, राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपतराय, सदस्य महांत दिनेंद्र दास, डॉ. अनिल मिश्र व कृष्णमोहन, विशेष आमंत्रित सदस्य गोपाल राव, महापौर महांत गिरीशपति त्रिपाठी, विधायक वेदप्रकाश गुप्त, रामचंद्र यादव, अभय सिंह, चंद्रभानु पासवान व अमित सिंह चौहान, जिला पंचायत अध्यक्ष रोली सिंह, गोसाईंगंज से विधायक रहे इंद्रप्रताप तिवारी खब्बू, पूर्व महापौर रिषिकेश उपाध्याय सहित लगभग 12 सौ आमंत्रित अतिथि उपस्थित रहे।

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