अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती पर लखनऊ में ऐतिहासिक आयोजन

पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती गुरुवार 25 दिसंबर को मनाई जा रही है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लखनऊ के दौरे पर रहेंगे। प्रधानमंत्री राजधानी में निर्मित भव्य ‘राष्ट्र प्रेरणा स्थल’ का उद्घाटन करेंगे और एक विशाल जनसभा को भी संबोधित करेंगे। इस कार्यक्रम में गणमान्य अतिथियों के साथ-साथ दो लाख से अधिक लोगों के शामिल होने की संभावना है। आयोजन को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अवसर पर सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा करते हुए कहा कि देश की महान विभूतियों की विरासत के सम्मान और संरक्षण के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने लिखा कि आज दोपहर करीब 2:30 बजे लखनऊ में पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती के अवसर पर राष्ट्र प्रेरणा स्थल के उद्घाटन का सौभाग्य प्राप्त होगा।
महान नेताओं की स्मृतियों को समर्पित स्थल
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में यह भी बताया कि राष्ट्र प्रेरणा स्थल परिसर में अटल बिहारी वाजपेयी के साथ-साथ डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पंडित दीनदयाल उपाध्याय की भव्य कांस्य प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। इसके अलावा यहां एक अत्याधुनिक संग्रहालय भी विकसित किया गया है, जहां देश निर्माण में इन दूरदर्शी नेताओं के अमूल्य योगदान को जानने और समझने का अवसर मिलेगा।
65 एकड़ में विकसित ऐतिहासिक राष्ट्र प्रेरणा स्थल
राष्ट्र प्रेरणा स्थल को एक ऐतिहासिक राष्ट्रीय स्मारक और प्रेरणादायक परिसर के रूप में विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य स्वतंत्र भारत के महान नेताओं के जीवन, विचारों और नेतृत्व मूल्यों को सम्मान देना है। लगभग 65 एकड़ क्षेत्र में फैले इस परिसर के निर्माण पर करीब 230 करोड़ रुपये की लागत आई है। इसे एक स्थायी राष्ट्रीय धरोहर के रूप में तैयार किया गया है, जो राष्ट्रीय सेवा, सांस्कृतिक चेतना और जन-प्रेरणा को प्रोत्साहित करेगा।
65 फुट ऊंची भव्य कांस्य प्रतिमाएं और आधुनिक संग्रहालय
इस प्रेरणादायक परिसर में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की 65 फुट ऊंची कांस्य प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। ये प्रतिमाएं देश के राजनीतिक चिंतन, राष्ट्र निर्माण और सार्वजनिक जीवन में उनके योगदान का प्रतीक हैं। परिसर में कमल के आकार की संरचना में बना एक अत्याधुनिक संग्रहालय भी है, जो लगभग 98,000 वर्ग फुट क्षेत्र में फैला हुआ है और आधुनिक तकनीक के माध्यम से इन महान नेताओं की विरासत को प्रदर्शित करता है।



