
चंडीगढ़, 13 दिसंबर: इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (मार्केटिंग डिवीजन), पंजाब राज्य कार्यालय ने 12 दिसंबर को नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (कार्यालय-1), चंडीगढ़ के तत्वावधान में एक दिवसीय राजभाषा अधिकारियों का सम्मेलन आयोजित किया। यह कार्यक्रम पंजाब राज्य कार्यालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में संपन्न हुआ, जिसमें TOLIC (कार्यालय-1) के 52 राजभाषा अधिकारी, प्रभारी और अनुवादक उपस्थित थे।
स्वागत और उद्घाटन
सम्मेलन की शुरुआत वरिष्ठ हिंदी अधिकारी डॉ. जगजीत कुमार के स्वागत भाषण से हुई। इसके पश्चात इंडियन ऑयल का राजभाषा गीत प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम में इंडियन ऑयल के कार्यकारी निदेशक श्री आशुतोष गुप्ता ने TOLIC (कार्यालय-1) की सदस्य सचिव और आयकर विभाग, चंडीगढ़ की उप निदेशक (राजभाषा) सुश्री नीना मल्होत्रा, अन्य विशिष्ट अतिथियों और वक्ताओं का शॉल व पुस्तकों के माध्यम से स्वागत किया।
पुस्तक विमोचन
सम्मेलन के दौरान डॉ. जगजीत कुमार की पुस्तक “उत्तर आधुनिक विमर्श (पोस्ट मॉडर्न डिस्कोर्स)” का विमोचन किया गया। यह पुस्तक उत्तर आधुनिकतावाद के विभिन्न पहलुओं, प्रवृत्तियों और उनके साहित्य, मीडिया, भाषा और भारतीय संदर्भ में प्रभाव पर विस्तृत चर्चा करती है।
अध्यक्षीय भाषण
अपने अध्यक्षीय भाषण में श्री आशुतोष गुप्ता ने कहा कि इंडियन ऑयल हिंदी के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है और TOLIC (कार्यालय-1), चंडीगढ़ की पहलों का सक्रिय समर्थन करता है। उन्होंने यह भी साझा किया कि इंडियन ऑयल, पंजाब राज्य कार्यालय को राजभाषा के उत्कृष्ट कार्यान्वयन के लिए भारत सरकार के गृह मंत्रालय के राजभाषा विभाग से प्रथम पुरस्कार प्राप्त हुआ है।
सत्रों का सार
पहला सत्र: संसदीय राजभाषा प्रश्नावली
TOLIC की सदस्य सचिव सुश्री नीना मल्होत्रा ने प्रतिभागियों को “संसदीय राजभाषा प्रश्नावली” विषय पर मार्गदर्शन दिया। उन्होंने अद्यतन प्रश्नावली, इसे भरने की सही विधि और पालन करने योग्य सावधानियों पर प्रकाश डाला।
दूसरा सत्र: अद्यतन ई-टूल्स
वरिष्ठ हिंदी अधिकारी डॉ. जगजीत कुमार ने ई-टूल्स का परिचय दिया। उन्होंने टाइपिंग टूल्स, वॉयस टाइपिंग, अनुवाद टूल्स, भाषिणी, अनुवादनी, माइक्रोसॉफ्ट क्विक पार्ट्स और AI-आधारित हिंदी एप्लिकेशन के प्रयोग से सरकारी कार्यों को सरल और तेज बनाने के तरीकों पर चर्चा की।
तीसरा सत्र: स्ट्रेस मैनेजमेंट
कॉर्पोरेट ट्रेनर डॉ. शिल्पा सूरी ने “स्ट्रेस मैनेजमेंट” पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने वर्क-लाइफ बैलेंस, पॉजिटिव सोच और नियमित व्यायाम के माध्यम से तनाव मुक्त काम करने के महत्व पर जोर दिया।
चौथा सत्र: हिंदी शिक्षण और ट्रांसलेशन टूल्स
गृह मंत्रालय के राजभाषा विभाग के असिस्टेंट डायरेक्टर श्री अरविंद कुमार ने “भारती – बहुभाषी अनुवाद सारथी और हिंदी शब्द-सिंधु” के उपयोग और राजभाषा कार्य में इनके महत्व पर प्रकाश डाला।
पांचवां सत्र: पर्सनैलिटी डेवलपमेंट में भाषा
पीजीआई, चंडीगढ़ के असिस्टेंट डायरेक्टर डॉ. पंकज अनेजा ने “पर्सनैलिटी डेवलपमेंट में भाषा की भूमिका” विषय पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि भाषा व्यक्तित्व विकास की एक मजबूत नींव है और सकारात्मक सोच के लिए यह अत्यंत महत्वपूर्ण है।
समापन और सम्मान
कार्यक्रम के अंत में इंडियन ऑयल के जनरल मैनेजर (ह्यूमन रिसोर्स) श्री अनुराग आनंद ने फीडबैक सत्र लिया। TOLIC (कार्यालय-1) के सदस्य कार्यालयों के प्रतिनिधियों ने सम्मेलन की सराहना की और इसे अत्यंत उपयोगी बताया। सभी गेस्ट स्पीकर्स और प्रतिनिधियों को मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। अंत में वरिष्ठ हिंदी अधिकारी डॉ. जगजीत कुमार ने सभी का आभार व्यक्त किया और सम्मेलन का औपचारिक समापन किया।


